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गणतंत्र दिवस

देशभक्तों का गणतंत्र दिवस संकल्प

सारांश

  • इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प दोहराते हैं कि हम व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देंगे,
  • भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे
  • एक राष्ट्रवादी, ईमानदार एवं विकासोन्मुख सरकार को दीर्घकालिक समर्थन देंगे,
    ताकि भारत अपनी यात्रा को पूर्ण करते हुए वैश्विक महाशक्ति बन सके।
  • यह संकल्प हमें राष्ट्रविरोधी इकोसिस्टम के प्रति सतर्क रहने, भ्रष्टाचार और नीति-पंगुता को अस्वीकार करने, और सक्रिय, संवैधानिक नागरिक सहभागिता के माध्यम से भारत के भविष्य को सुरक्षित करने का आह्वान करता है।

राष्ट्र प्रथम — एक सशक्त, संप्रभु और आत्मनिर्भर भारत के लिए

SECTION 1 | हमारा संवैधानिक संकल्प

इस पावन दिवस पर, जब हम:

  • भारत के संविधान को नमन करते हैं
  • अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करते हैं
  • और आगामी पीढ़ियों के प्रति अपने दायित्व पर विचार करते हैं
  • हम, भारत के नागरिक, लोकतंत्र को कर्तव्य, अनुशासन और एकता के माध्यम से सशक्त करने का संकल्प लेते हैं।

यह संकल्प:

  • न क्रोध से प्रेरित है
  • न बहिष्कार से

बल्कि यह राष्ट्रप्रेम, संवैधानिक आस्था और भारत के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास से प्रेरित है।

SECTION 2 | व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठने का संकल्प

हम संकल्प लेते हैं कि हम:

  • संकीर्ण स्वार्थ
  • अल्पकालिक लाभ
  • व्यक्तिगत सुविधा
  • और तात्कालिक राजनीतिक भावनाओं से ऊपर उठेंगे।

हम यह स्वीकार करते हैं कि:

  • राष्ट्र केवल बाहरी आक्रमणों से नहीं,
  • बल्कि आंतरिक उदासीनता, स्वार्थ और निष्क्रियता से भी कमजोर होते हैं।

हमारा मंत्र होगा:

  • राष्ट्र पहले
  • समाज पहले
  • दीर्घकालिक राष्ट्रीय हित पहले

SECTION 3 | भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा

हम संकल्प लेते हैं कि हम:

  • अपने नागरिकों की सुरक्षा
  • अपनी सीमाओं की रक्षा
  • अपने भूभाग की अखंडता
  • और गणराज्य की संप्रभुता की रक्षा करेंगे।

हम शांतिपूर्ण, संवैधानिक और कानूनी तरीकों से उन सभी शक्तियों और विचारधाराओं का विरोध करेंगे जो:

  • समाज को विभाजित करती हैं
  • राष्ट्रीय आत्मविश्वास को कमजोर करती हैं
  • संस्थाओं को खोखला करती हैं

भारत के रणनीतिक हितों से समझौता करती हैं

विविधता में एकता हमारी पहचान है, लेकिन राष्ट्रीय एकता पर कोई समझौता नहीं।

SECTION 4 | राष्ट्रवादी और ईमानदार सरकार को दीर्घकालिक समर्थन

हम संकल्प लेते हैं कि हम:

  • एक राष्ट्रवादी, ईमानदार और विकासोन्मुख सरकार को राजनीतिक और सामाजिक रूप से दीर्घकाल तक समर्थन देंगे,

ताकि:

  • दीर्घकालिक सुधार बिना बाधा के पूर्ण हो सकें
  • रणनीतिक नीतियाँ बार-बार की अस्थिरता से न टूटें
  • संस्थाएँ व्यक्तियों से ऊपर सशक्त बनें
  • भारत आर्थिक मजबूती, तकनीकी नेतृत्व और रणनीतिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करे

हम यह सत्य स्वीकार करते हैं:

  • राष्ट्र-निर्माण पाँच वर्षों की परियोजना नहीं, बल्कि दशकों की साधना है।

SECTION 5 | भ्रष्टाचार और परनिर्भरता की वापसी का विरोध

हम लोकतांत्रिक रूप से उन शक्तियों का विरोध करेंगे जो:

  • व्यवस्थित लूट, घोटालों और भ्रष्टाचार से पनपीं
  • नीति-पंगुता और कमजोर शासन को सामान्य बनाती रहीं
  • भारत को विदेशी शक्तियों पर निर्भर बनाए रखती रहीं
  • सत्ता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करती रहीं

हम किसी भी प्रयास को अस्वीकार करते हैं जो भारत को फिर से:

  • आर्थिक कमजोरी
  • रणनीतिक असहायता
  • विदेशी दबाव
  • और राष्ट्रीय आत्मसम्मान की हानि की ओर ले जाए।

SECTION 6 | राष्ट्रविरोधी इकोसिस्टम के प्रति सतर्कता

हम संकल्प लेते हैं कि हम राष्ट्रविरोधी इकोसिस्टम के प्रति सजग रहेंगे, जो:

  • दुष्प्रचार और झूठे नैरेटिव फैलाते हैं
  • राष्ट्रीय परियोजनाओं में जानबूझकर विलंब करते हैं
  • लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर अवरोध पैदा करते हैं
  • शत्रु राष्ट्रों और वैश्विक दबाव समूहों के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग करते हैं

हम इनका सामना करेंगे:

  • जागरूकता से
  • शिक्षा से
  • संवैधानिक नागरिक कार्रवाई से
  • लोकतांत्रिक सहभागिता और सामाजिक एकता से

SECTION 7 | अवरोध नहीं, उत्तरदायित्व से लोकतंत्र को सशक्त करना

हम संकल्प लेते हैं कि हम:

  • संविधान और कानून के शासन का सम्मान करेंगे
  • स्वतंत्र संस्थाओं की गरिमा बनाए रखेंगे
  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जिम्मेदारी के साथ प्रयोग करेंगे

हम ऐसी राजनीति को अस्वीकार करते हैं जो:

  • अराजकता
  • अवरोध
  • और विनाश पर आधारित हो।

हम विश्वास करते हैं कि लोकतंत्र फलता-फूलता है:

  • बहस से, अव्यवस्था से नहीं
  • जवाबदेही से, पंगुता से नहीं
  • सुधार से, ठहराव से नहीं

SECTION 8 | राष्ट्र-निर्माण में हमारी व्यक्तिगत भूमिका

हम संकल्प लेते हैं कि हम:

  • ईमानदारी और नैतिकता से कार्य करेंगे
  • नागरिक अनुशासन का पालन करेंगे
  • कानून और संस्थाओं का सम्मान करेंगे
  • सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देंगे
  • दैनिक जीवन में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का समर्थन करेंगे

हम यह स्वीकार करते हैं:

  • मजबूत राष्ट्र केवल सरकारों से नहीं, जिम्मेदार नागरिकों से बनते हैं।

SECTION 9 | हमारा दीर्घकालिक सभ्यतागत संकल्प

हम चुनते हैं:

  • अस्थिरता के बजाय स्थिरता
  • वोट-बैंक राजनीति के बजाय राष्ट्रभाव
  • आर्थिक दासता के बजाय आत्मनिर्भरता
  • भय के बजाय आत्मविश्वास
  • विभाजन के बजाय एकता

हम ऐसे भारत के लिए प्रतिबद्ध हैं जो:

  • सुरक्षित हो, कमजोर नहीं
  • सम्मानित हो, नियंत्रित नहीं
  • नेतृत्व करे, अनुकरण नहीं

प्रतिज्ञा

हम यह संकल्प:

  • शांत चित्त से
  • स्पष्ट विवेक से
  • और पूर्ण संवैधानिक निष्ठा के साथ लेते हैं।

एकता, सतर्कता, धैर्य और विधिसम्मत आचरण के साथ हम भारत की रक्षा करेंगे
और उसे एक सशक्त, संप्रभु, आत्मनिर्भर और सम्मानित वैश्विक महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।

🇮🇳 जय हिन्द | जय भारत 🇮🇳

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