सारांश
- भारत आज एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है। दशकों तक तुष्टिकरण, स्वार्थ और वोट-बैंक आधारित राजनीति ने शासन को कमजोर किया, लेकिन 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुशासन और राष्ट्र-प्रथम की नीति अपनाई।
- इसके परिणामस्वरूप भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना है, साथ ही रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में एक सशक्त शक्ति के रूप में उभरा है।
- यह परिवर्तन कुछ शक्तियों को असहज कर रहा है—बाहरी भी और भीतरी भी।
- ऐसे समय में नागरिकों का दायित्व है कि वे जाति, समुदाय, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर एकजुट हों, राष्ट्रवादी नेतृत्व को राजनीतिक व सामाजिक समर्थन दें, और भारत की प्रगति में बाधा डालने वाले एंटी-इंडिया इकोसिस्टम को चुनौती दें—ताकि भारत एक वैश्विक महाशक्ति और विश्वगुरु बन सके।
राष्ट्र पहले
1. राजनीति नहीं, राष्ट्रीय संकल्प
- “मैं आया तो था देश की भलाई करने, लेकिन आज देश में छिपे बैठे गद्दारों से भी लड़ना पड़ रहा है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ये शब्द केवल एक बयान नहीं हैं
- ये उस संघर्ष और संकल्प की आवाज़ हैं, जो भारत को कमजोर नहीं, सशक्त और आत्मनिर्भर देखना चाहता है।
>राष्ट्र सर्वोपरि है
>राजनीति साधन है, लक्ष्य नहीं
>नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा प्राथमिकता है
जब प्राथमिकता स्पष्ट होती है, तो दिशा भी स्पष्ट होती है।
2. शासन में ऐतिहासिक बदलाव: तुष्टिकरण से सेवा तक
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शासन की सोच बदली है—
- पहले: सत्ता बचाने के लिए समझौते
- अब: देश बनाने के लिए निर्णय
- पहले: वोट-बैंक आधारित नीतियाँ
- अब: सेवा, सुशासन और राष्ट्र-प्रथम
यह बदलाव केवल भाषणों में नहीं, बल्कि नीतियों, क्रियान्वयन और परिणामों में दिखता है।
3. आर्थिक शक्ति के रूप में उभरता भारत
मोदी युग में भारत की आर्थिक यात्रा निर्णायक रही है:
- भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
- सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था
- अवसंरचना, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण और स्टार्टअप्स में तेज़ वृद्धि
- वित्तीय समावेशन, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता
यह केवल आँकड़े नहीं— यह राष्ट्रीय आत्मविश्वास की वापसी है।
4. रक्षा और तकनीक: आत्मनिर्भर और सक्षम भारत
भारत अब केवल आयातक नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक बन रहा है।
- स्वदेशी रक्षा उत्पादन—मिसाइल, ड्रोन, प्लेटफॉर्म
- अंतरिक्ष, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती तकनीकें
- साइबर, स्पेस और रणनीतिक क्षमताओं में मजबूती
यह सब निर्णायक नेतृत्व और आत्मनिर्भर सोच का परिणाम है।
5. BJP: पार्टी से आगे—एक राष्ट्रवादी विचारधारा
आज BJP केवल एक चुनावी दल नहीं है— यह राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है
- सुरक्षा सर्वोपरि
- नागरिकों का सम्मान सर्वोच्च
- भारत का भविष्य किसी भी राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर
जब नेतृत्व साफ़ होता है, तो जनता का भरोसा अपने आप जुड़ता है।
6. भारत की प्रगति से असहज शक्तियाँ
आज जब भारत आगे बढ़ रहा है—
- कुछ बाहरी शक्तियाँ असहज हैं
- कुछ भीतरी तत्व बेचैन हैं
जो:
- झूठे नैरेटिव गढ़ते हैं
- संस्थाओं को बदनाम करते हैं
- भ्रम और डर फैलाते हैं
यह वही एंटी–इंडिया इकोसिस्टम है, जो दशकों से भारत की विकास यात्रा में बाधाएँ डालता रहा है।
7. यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं
यह समझना आवश्यक है—
- यह लड़ाई केवल नरेंद्र मोदी जी की नहीं
- यह लड़ाई 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं की है
- यह लड़ाई भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की है
प्रधानमंत्री अकेले नहीं हैं। उनके पीछे देश का विश्वास और समर्थन खड़ा है।
8. एकता: महाशक्ति बनने की अनिवार्य शर्त
भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए—
- जाति से ऊपर
- समुदाय से ऊपर
- भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय से ऊपर उठना होगा
जब राष्ट्र आगे बढ़ता है, तो हर नागरिक आगे बढ़ता है।
9. जाग्रत नागरिक, नया भारत
आज का नागरिक:
- भावनाओं से नहीं, परिणामों से निर्णय करता है
- युवाओं को रोज़गार और अवसर चाहिए
- देश को सुरक्षा और स्थिरता चाहिए
- जनता को ईमानदार और जवाबदेह नेतृत्व चाहिए
इसीलिए राष्ट्रवादी सोच आज हर वर्ग में जगह बना रही है।
10. अब सवाल आपसे है
❓ क्या आप मानते हैं कि भारत की प्रगति के लिए राष्ट्रविरोधी सोच और तत्वों का पर्दाफाश ज़रूरी है?
❓ क्या आप विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में मोदी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं?
यदि उत्तर “हाँ” है, तो अब समय है चुप्पी तोड़ने का।
- एकजुट होकर अपना उत्तरदायित्व निभाने का।
संकल्प, समर्थन और निरंतरता
भारत आज कमजोर नहीं— वह आत्मविश्वासी, सक्षम और निर्णायक है।
- यात्रा अभी अधूरी है। चुनौतियाँ मौजूद हैं।
इसलिए आवश्यक है कि हम सब मिलकर—
- राष्ट्रवादी नेतृत्व को मज़बूत समर्थन दें
- विकास-विरोधी और देश-विरोधी नैरेटिव को चुनौती दें
- और भारत को आर्थिक, रक्षा व तकनीकी वैश्विक महाशक्ति बनाएं
>देश पहले था,
>देश पहले है,
>और देश पहले रहेगा।
🇮🇳 जय भारत, वन्देमातरम 🇮🇳
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