निवेदन और आव्हान:
“यदि आप सच्चे देशभक्त हैं और भारत को एक वैश्विक महाशक्ति बनाने, अपने देश, सनातन धर्म और समाज की रक्षा करने के प्रयासों में योगदान देना चाहते हैं, तो हम आपको हमारे साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं। आप हमारे व्हाट्सएप या टेलीग्राम समूहों अथवा हमारी वेबसाइट के माध्यम से हमसे जुड़ सकते हैं। आपका सहयोग अत्यंत आवश्यक है — आइए, मिलकर हम अपने राष्ट्र की रक्षा करें और उसके गौरवशाली भविष्य का निर्माण करें।”
भारत आज इतिहास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। सहस्राब्दियों से सनातन धर्म हमारी सभ्यता की आत्मा रहा है, जिसने हमें आक्रमणों, विदेशी शोषण और अनेक आंतरिक संकटों से बचाए रखा।
लेकिन आज आधुनिक युग में हम नए और गंभीर खतरों का सामना कर रहे हैं। यह खतरे संगठित, धनबल से समर्थित और कटिबद्ध विरोधी-हिंदू और विरोधी-राष्ट्र तंत्र से हैं।
यह तंत्र झूठे प्रचार, तुष्टिकरण की राजनीति, कानूनी षड्यंत्र, मीडिया की तोड़-मरोड़ और हिंसा के सहारे काम करता है। इसका लक्ष्य स्पष्ट है – हिंदू समाज को तोड़ना, सनातन धर्म को कमजोर करना और भारत को अस्थिर बनाना ताकि यह बाहरी ताकतों और आंतरिक अराजकता का शिकार हो जाए।
आज हमें बिखरे हुए प्रयासों से आगे बढ़ना होगा। हजारों हिंदुत्व कार्यकर्ता और संगठन देशभर में अलग-अलग मोर्चों पर काम कर रहे हैं, लेकिन आपसी समन्वय और एकजुट रणनीति के अभाव में उनकी शक्ति कमजोर पड़ जाती है।
अब समय है कि हम एक राष्ट्रीय हिंदुत्व टास्क फोर्स का गठन करें – एक केंद्रीकृत, रणनीतिक और क्रियाशील मंच, जो सभी हितधारकों को एक ध्येय पर एकजुट करे: सनातन धर्म की रक्षा, हिंदू समाज की सुरक्षा और भारत की संप्रभुता की रक्षा।
1. उद्देश्य और दृष्टि
राष्ट्रीय हिंदुत्व टास्क फोर्स का उद्देश्य है:
हिंदुओं को उनके अस्तित्व और धर्म पर मंडराते खतरों के प्रति जागरूक करना।
विभिन्न हिंदू संगठनों को एक साझा मिशन पर जोड़ना।
विरोधी-हिंदू झूठे प्रचार और नैरेटिव का मुकाबला करना।
राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर संगठित कार्रवाई करना।
समाज को आत्मरक्षा, कानूनी संघर्ष और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए तैयार करना।
हमारा उद्देश्य है – एकजुट, जागरूक और सशक्त हिंदू समाज, जो जाति, क्षेत्र और संप्रदाय से ऊपर उठकर धर्म और राष्ट्र की रक्षा में एक स्वर से खड़ा हो।
2. टास्क फोर्स की संरचना
🟧 केंद्रीय थिंक-टैंक (4–5 सदस्य)
राष्ट्रवादी और सनातनी विचारक।
रणनीति, योजना और सभी समूहों का समन्वय।
खतरे पहचानना और प्राथमिकता तय करना।
🟧 जन-जागरूकता समूह (1–2 सदस्य)
डिजिटल योद्धा और कार्यकर्ता।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जन-जागरूकता फैलाना।
झूठे नैरेटिव का पर्दाफाश और सनातन गर्व का प्रचार।
🟧 विधिक योद्धा (1–2 सदस्य)
राष्ट्रवादी वकील।
धर्मांतरण, मंदिर नियंत्रण, अवैध घुसपैठ और भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई।
कार्यकर्ताओं और संगठनों को कानूनी सुरक्षा देना।
🟧 वक्ता और बहसकर्ता (2–3 सदस्य)
प्रखर और निर्भीक वक्ता।
मीडिया और मंचों पर विरोधी-हिंदू नैरेटिव का मुकाबला।
युवाओं को तथ्य और तर्क से प्रेरित करना।
🟧 हिंदुत्व संगठन प्रतिनिधि (1 सदस्य प्रत्येक)
आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, अखाड़ा परिषद आदि।
जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण और आत्मरक्षा।
चुनावों में हिंदू मतदाताओं को संगठित करना।
🟧 राष्ट्रीय मीडिया समूह (1–2 सदस्य)
राष्ट्रवादी एंकर और पत्रकार।
हिंदू और राष्ट्रवादी आवाज़ को मुख्यधारा में पहुंचाना।
पक्षपाती और झूठी मीडिया को चुनौती देना।
🟧 प्रिंट मीडिया नेतृत्व (1–2 सदस्य)
अखबार और पत्रिका संपादक।
संपादकीय और आलेखों के माध्यम से हिंदू और राष्ट्र से जुड़े मुद्दे उजागर करना।
🟧 आध्यात्मिक नेतृत्व (1–2 सदस्य)
संत और गुरुजन।
90% हिंदू मतदान सुनिश्चित करने हेतु प्रेरणा देना।
युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ना।
🟧 प्रोडक्शन हाउस (1–2 सदस्य)
धारावाहिक, डॉक्यूमेंट्री और फ़िल्में बनाना।
सनातन इतिहास और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना।
🟧 डिजिटल मंच
एक सुरक्षित नेटवर्क।
त्वरित संचार, अनुभव साझा करना और रणनीति पर काम।
प्रत्येक गतिविधि का संचालन एक समर्पित कार्य समूह द्वारा किया जाएगा, जिसका नेतृत्व कोर समिति के एक सदस्य द्वारा किया जाएगा और इसमें देशभर से प्रतिभागी शामिल होंगे। सभी कार्य समूह कोर समिति के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे ताकि विभिन्न गतिविधियों के बीच प्रभावी समन्वय और सामंजस्य सुनिश्चित किया जा सके।
3. कार्य उद्देश्य
बिखरे प्रयासों को एकजुट करना।
हिंदुओं को शिक्षित करना – जनसांख्यिकीय खतरे, धर्मांतरण, राजनीति और सांस्कृतिक क्षरण पर।
झूठे प्रचार का मुकाबला करना।
राजनीतिक लामबंदी – हिंदू वोट टर्नआउट बढ़ाना और राष्ट्रवादी सरकारें सुनिश्चित करना।
सामुदायिक आत्मरक्षा – अहिंसक प्रतिरोध और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण – शिक्षा, मीडिया और अध्यात्म से सनातन गौरव का प्रचार।
4. क्यों आवश्यक है?
इतिहास हमें सिखाता है कि हिंदू असंगठन विनाश का कारण बनता है। अफगानिस्तान से पाकिस्तान और बांग्लादेश तक – कभी समृद्ध हिंदू सभ्यताएँ संगठन के अभाव में समाप्त हो गईं।
आज भारत में हिंदू बहुसंख्यक हैं, लेकिन विभाजित और निष्क्रिय रहने के कारण हम राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों मोर्चों पर कमजोर पड़ रहे हैं।
यदि हम अब भी मौन और बिखरे रहे, तो आने वाले समय में सनातन धर्म अपने ही जन्मस्थल में संकट में पड़ जाएगा।
लेकिन अगर हम एकजुट, संगठित और साहसी बनकर खड़े हों, तो कोई भी शक्ति हिंदू सभ्यता को मिटा नहीं सकती।
5. आह्वान
विभाजन से ऊपर उठें – केवल हिंदू और भारतीय के रूप में सोचें।
जागरूकता फैलाएँ – हर प्लेटफॉर्म से सोए हुए हिंदुओं को जगाएँ।
समुदाय को मजबूत करें – आत्मरक्षा और प्रशिक्षण पर ध्यान दें।
सही मतदान करें – अधिकतम हिंदू मतदान सुनिश्चित करें।
धर्म की रक्षा करें – बच्चों को सनातन मूल्यों की शिक्षा दें।
एकजुट रहें – टास्क फोर्स को हिंदू एकता का सजीव उदाहरण बनाएं।
🚩 सनातन धर्म और भारत का अस्तित्व आज हमारे निर्णयों पर निर्भर है।
या तो हम जागरूक होकर निर्णायक कदम उठाएँगे,
या फिर सबकुछ खो देंगे।
> जागने का समय अभी है।
> एकजुट होने का समय अभी है।
> हिंदू राष्ट्र की ओर बढ़ने का समय अभी है। 🚩
🇮🇳 जय भारत, वन्देमातरम 🇮🇳
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