1. विकृत इतिहास – हिंदू समाज पर अभिशाप
सदियों तक भारत का असली इतिहास छिपाया गया, तोड़ा-मरोड़ा गया और इस तरह लिखा गया कि हिंदू अपनी अस्मिता और गौरव से कट जाए:
- इस्लामी आक्रमण: मुग़ल और अन्य आक्रमणकारी केवल लूटने नहीं आए थे, बल्कि उनका लक्ष्य सनातन धर्म को मिटाना था। मंदिरों को तोड़ना, जबरन धर्मांतरण करना और संस्कृति की रीढ़ तोड़ना उनका असली मक़सद था।
- झूठा महिमामंडन: अकबर जैसे आक्रांताओं को “महान” बताकर इतिहास पढ़ाया गया, जबकि उनके अत्याचारों और नरसंहारों को छिपा दिया गया।
- हिंदू वीरों को दबाया गया: महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, राजपूत योद्धाओं, गुरु गोविंद सिंह जी और अहिल्याबाई होल्कर जैसी विभूतियों के योगदान को कमतर दिखाया गया।
- संतों को भुला दिया गया: स्वामी विवेकानंद, दयानंद सरस्वती, आदि शंकराचार्य और अन्य सनातनी सुधारकों की शिक्षाएँ पुस्तकों से लगभग गायब रहीं।
- स्वतंत्रता सेनानियों की अनदेखी: वीर सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और खुदीराम बोस जैसे असली क्रांतिकारियों को किनारे कर दिया गया और केवल गांधी–नेहरू की पूजा कराई गई।
👉 नतीजा यह हुआ कि हिंदू पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से कट गईं और अपने धर्म के गौरव को भूल बैठीं।
2. भाजपा सरकार की भूमिका – पुनर्जागरण की दिशा में कदम
दशकों बाद पहली बार भारत में एक सच्चा प्रयास हुआ है इस खोखलेपन को भरने का:
- शैक्षिक सुधार: पिछले एक दशक से भाजपा सरकार ने लगातार पाठ्यपुस्तकों को सुधारने और भारत का सच्चा इतिहास सामने लाने का काम किया है।
- वीरों और संतों पर प्रकाश: मराठा, राजपूत, सिख गुरुओं और संतों की वीर गाथाएँ अब नई पीढ़ी तक पहुँचाई जा रही हैं।
- मुग़लों का असली चेहरा: लूट, विनाश और जबरन धर्मांतरण की सच्चाई अब उजागर की जा रही है।
- राष्ट्रीय गर्व का पुनर्जागरण: योग, आयुर्वेद, संस्कृत और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देकर युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ा जा रहा है।
- सनातन जागरण: नई पीढ़ी में धर्म के प्रति गर्व बढ़ रहा है — त्योहारों, परंपराओं और मंदिरों के प्रति श्रद्धा फिर से लौट रही है।
3. राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
भारत के युवा ही असली भविष्य हैं। उनमें सच्ची देशभक्ति जगाना ज़रूरी है:
पाठ्यक्रम सुधार की ज़रूरत:
- मुग़ल आक्रमणों के विनाश को पढ़ाया जाए।
- मराठा और राजपूत योद्धाओं की गाथाएँ शामिल हों।
- स्वामी विवेकानंद जैसे संतों का दर्शन पढ़ाया जाए।
- असली स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान बताए जाएँ।
- सांस्कृतिक जागरूकता: युवाओं को त्योहारों और परंपराओं से जोड़ा जाए।
- देशभक्ति की भावना: धर्म, अनुशासन और मातृभूमि के प्रति कर्तव्य का भाव जगाया जाए।
👉 केवल गर्वित और जागरूक युवा ही भारत की रक्षा कर पाएँगे।
4. भारत एक सभ्यतागत चौराहे पर
आज भारत एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है:
यदि pro-Sanatan सरकार सत्ता में रही:
- भारत महाशक्ति बनने की ओर तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
- भारत विश्वगुरु बनेगा और पूरी दुनिया को धर्म और ज्ञान का मार्ग दिखाएगा।
- युवा पीढ़ी अपनी खोई हुई अस्मिता वापस पाएगी।
यदि anti-Hindu ताक़तें लौट आईं:
- तुष्टिकरण की राजनीति हिंदू समाज को तोड़ देगी।
- भारत फिर से गरीबी, बँटवारे और असुरक्षा में धकेल दिया जाएगा।
- भारत भी पाकिस्तान या बांग्लादेश जैसे दिवालिया इस्लामी देशों में बदल सकता है।
- हिंदुओं की हालत वही होगी जो आज पाकिस्तान और बांग्लादेश में है।
👉 चुनाव साफ़ है — सनातन धर्म को बचाओ या भारत को खो दो।
5. आगे का रास्ता – हर सनातनी की ज़िम्मेदारी
हर हिंदू को यह समझना होगा कि यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि धर्म और अधर्म का युद्ध है:
जाति–क्षेत्र से ऊपर उठकर एकजुट हों: हम सबसे पहले हिंदू हैं।
शैक्षिक सुधार का समर्थन करें: सच दिखाने वाली नीतियों को मज़बूती दें।
युवाओं को जागरूक करें: संवाद, सांस्कृतिक आयोजन और प्रशिक्षण करवाएँ।
राजनीतिक जागरूकता: एक ईमानदार और देशभक्त सरकार को ही सत्ता में बनाए रखें।
सभ्यतागत कर्तव्य: याद रखें — अगर हम चूके तो हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अंधकार में होंगी।
6. अंतिम संदेश
मोदी जी के नेतृत्व में भारत का पुनर्जागरण शुरू हो चुका है। सनातन धर्म फिर से जाग रहा है और दुनिया भारत को एक उभरती शक्ति के रूप में देखने लगी है।
- लेकिन यह सफ़र अभी अधूरा है।
- यदि हमने गलत विकल्प चुना, तो हम सबकुछ खो देंगे।
🚩 सनातन धर्म बचाओ। भारत बचाओ। उसी सरकार को समर्थन दो जो हिंदुओं, संस्कृति और सच्चाई के लिए खड़ी है। 🚩
🇮🇳जय भारत, वन्देमातरम 🇮
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