भारत का वर्तमान परिप्रेक्ष्य
By Sachcha Sanatani (PhD)
तुष्टिकरण और आत्ममुग्धता की राजनीति से सनातन जागरण और वैश्विक महाशक्ति तक — समकालीन भारत के रूपांतरण का एक विश्लेषणात्मक परिप्रेक्ष्य।
भारत का वर्तमान परिप्रेक्ष्य
तुष्टिकरण और आत्ममुग्धता से सनातन जागरण और वैश्विक महाशक्ति तक
यह पुस्तक समकालीन भारत के उस रूपांतरण का विश्लेषण करती है जो तुष्टिकरण और आत्ममुग्धता की दशकों पुरानी राजनीति से निकलकर सनातन चेतना के जागरण और वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है।
(लेखन प्रक्रियाधीन।)
