सभ्यतागत पुनर्जागरण की आवश्यकता
आज से दो हजार वर्ष पूर्व, हमारा भारत सनातन सिद्धांतों की अटूट नींव पर खड़ा था। उस समय हम न केवल ज्ञान-विज्ञान, अध्यात्म और दर्शन के केंद्र थे, बल्कि एक ‘विश्वगुरु’ और आर्थिक-सैन्य महाशक्ति के रूप में प्रतिष्ठित थे। किंतु, पिछले दो हजार वर्षों में विदेशी आक्रमणों और सांस्कृतिक कटाव के कारण हम अपनी जड़ों से दूर होते गए। आज की सामाजिक विसंगतियां, मानसिक अशांति और वैचारिक भ्रम हमारे मूल मूल्यों से भटकने का ही परिणाम हैं। इस सत्य को स्वीकार करना ही पुनर्जागरण का पहला चरण है।
‘सच्चा सनातनी’ श्रृंखला के मुख्य स्तंभ
- व्यक्तिगत से राष्ट्रीय जागरण: यह श्रृंखला सफलता और आंतरिक शांति के बीच की खाई को पाटकर नागरिक से राष्ट्र निर्माण का व्यावहारिक मार्ग दिखाती है।
- बाधाओं का तार्किक निदान: उन संस्थागत और वैचारिक अवरोधों की पहचान करना, जिन्होंने दशकों तक भारत की क्षमता को दबाकर रखा।
- पुनर्जागरण का दस्तावेजीकरण: वर्ष 2014 के बाद से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश में उभरती सनातन चेतना को प्रामाणिक रूप से लिपिबद्ध करना।
- मानवता की रक्षा का वैश्विक मिशन: जिहादी कट्टरपंथ, विस्तारवादी सोच और भू-राजनीतिक लालच के विरुद्ध सनातन सिद्धांतों द्वारा वैश्विक शांति का मार्ग दिखाना।
- विश्वगुरु का रणनीतिक रोडमैप: सनातन मूल्यों को आधुनिक नीतियों में समाहित कर भारत को 2047 तक पुनः उसी वैभवशाली शिखर पर ले जाना।
‘सच्चा सनातनी’ पुस्तक श्रृंखला
यह ज्ञान-यात्रा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है:
- सफलता मिली फिर भी मन अशांत क्यों है?
उपशीर्षक: आधुनिक जीवन, मन और संतुलन की कला (प्रकाशित)
- व्यावहारिक सनातन धर्म
उपशीर्षक: संसार के मेले में भटकाव से शाश्वत शांति तक (मुद्रणरत)
- सम्प्रभु भारत: गुलामी की मानसिकता से विश्वगुरु तक की यात्रा
उपशीर्षक: 2047 तक वैश्विक महाशक्ति बनाने का रणनीतिक आलेख (मुद्रणरत)
- जाग्रत सनातन
उपशीर्षक: सभ्यतागत खतरे, आंतरिक गद्दार और भारत का पुनर्जागरण (प्रकाशित)
- हिन्दू समाज का दर्पण
उपशीर्षक: सभ्यता का संकट, रणनीतिक एकता और भारत का पुनुरुत्थान (वर्तमान पुस्तक)
- वैश्विक कुरुक्षेत्र
उपशीर्षक: जिहादी आतंकवाद, सामरिक लालच और परमाणु संकट के विरुद्ध सनातन दृष्टि (प्रक्रियाधीन)
श्रृंखला की शेष 6 अन्य पुस्तकें वर्तमान में डिजाइनिंग एवं तैयारी के चरण में हैं।
अधिक जानकारी के लिए
पुस्तकों और शोध लेखों की विस्तृत जानकारी के लिए दो वर्ष पूर्व स्थापित हमारी आधिकारिक वेबसाइट www.saveindia108.in के ‘Books Section’ पर जाएं। यह श्रृंखला भारत को एक समृद्ध और संप्रभु राष्ट्र के रूप में देखने वाले पाठकों के लिए एक ‘बौद्धिक शस्त्र’ है।
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